Shiva Tandava Stotram - Uma Mohan.mp3
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[00:29.799] जटाटवी गलज्जल प्रवाह पावित स्थले[00:32.969] गलेऽव लम्ब्य लम्बितां भुजंग तुंग मालिकाम्[00:36.181] डमड्डमड्डमड्डम न्निनादव ड्डमर्वयं[00:39.332] चकार चण्ड्ताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्[00:49.000] जटा कटा हसं भ्रमभ्रमन्नि लिम्प निर्झरी[00:52.165] विलोलवी चिवल्लरी विराजमान मूर्धनि[00:55.397] धगद्धगद्धग ज्ज्वल ल्ललाट पट्ट पावके[00:58.595] किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम[01:14.594] धरा धरेन्द्र नंदिनीविलास बन्धु बन्धुर[01:17.772] स्फुर द्दिगन्त सन्ततिप्रमोद मान मानसे[01:20.958] कृपा कटाक्ष धोरणी निरुद्ध दुर्धरापदि[01:24.187] क्वचि द्दिगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि[01:33.798] जटा भुजंग पिंगल स्फुरत्फणा मणिप्रभा[01:36.943] कदम्ब कुंकुम द्रवप्रलिप्त दिग्व धूमुखे[01:40.132] मदान्ध सिन्धुर स्फुरत्त्व गुत्तरी यमे दुरे[01:43.363] मनो विनोदमद्भुतं बिभर्तु भूतभर्तरि[01:53.175] ॐ नमः शिवाय[02:06.036] सदा शिवम् भजाम्यहम्[02:09.243] सदा शिवम् भजाम्यहम्[02:13.010] ॐ नमः शिवाय[02:26.187] सहस्रलोचनप्रभृत्य शेष लेख शेखर[02:29.501] प्रसून धूलि धोरणी विधू सरांघ्रि पीठभूः[02:32.855] भुजंगराज मालया निबद्ध जाटजूटक:[02:36.230] श्रियै चिराय जायतां चकोर बन्धु शेखरः[02:42.913] ललाट चत्वर ज्वलद्धनंजय स्फुलिंगभा[02:46.232] निपीत पंच सायकं नमन्नि लिम्प नायकम्[02:49.598] सुधा मयूख लेखया विराजमान शेखरं[02:52.925] महाकपालि सम्पदे शिरो जटाल मस्तुनः[03:03.043] कराल भाल पट्टिका धगद्धगद्धग ज्ज्वल[03:06.394] द्धनंज याहुतीकृत प्रचण्डपंच सायके[03:09.730] धरा धरेन्द्र नन्दिनी कुचाग्रचित्र पत्रक[03:13.018] प्रकल्प नैकशिल्पिनि त्रिलोचने रतिर्मम[03:18.187] नवीन मेघ मण्डली निरुद्ध दुर्धर स्फुरत्[03:21.393] कुहू निशी थिनी तमः प्रबन्ध बद्ध कन्धरः[03:24.764] निलिम्प निर्झरी धरस्त नोतु कृत्ति सिन्धुरः[03:28.167] कला निधान बन्धुरः श्रियं जगद्धुरंधरः[03:38.333] ॐ...[03:44.984] प्रफुल्ल नीलपंकज प्रपंच कालिमप्रभा[03:51.396] वलम्बि कण्ठ कन्दली रुचिप्रबद्ध कन्धरम्[03:58.104] स्मरच्छिदं पुरच्छिदं भवच्छिदं मखच्छिदं[04:04.797] गजच्छिदांधकछिदं तमंतक च्छिदं भजे[04:13.184] अखर्वसर्व मंग लाकला कदंबमंजरी[04:19.750] रस प्रवाह माधुरी विजृंभणा मधुव्रतम्[04:26.594] स्मरान्तकं पुरान्तकं भवान्तकं मखान्तकं[04:33.234] गजान्त कान्ध कान्तकं तमन्तकान्तकं भजे[04:46.962] ॐ[04:53.580] जयत्व दभ्र विभ्र म भ्रमद्भुजंग मश्वस[04:56.874] द्विनिर्गमत्क्रम स्फुरत्कराल भाल हव्यवाट्[05:00.272] धिमिद्धिमिद्धिमिध्वनन्मृदंग तुंग मंगल[05:03.539] ध्वनि क्रम प्रवर्तित प्रचण्डताण्डवः शिवः[05:10.379] दृष द्विचित्र तल्पयोर्भुजंग मौक्तिकस्रजोर्[05:13.580] गरिष्ठरत्नलोष्ठयोः सुहृद्वि पक्षपक्षयोः[05:16.892] तृणार विन्द चक्षुषोः प्रजा मही महेन्द्रयोः[05:20.308] समप्रवृतिकः कदा सदाशिवं भजाम्यहम्[05:39.793] कदा निलिम्प निर्झरीनिकुंज कोटरे वसन्[05:42.955] विमुक्त दुर्मतिः सदा शिरःस्थ मंजलिं वहन्[05:46.161] विलोल लोल लोचनो ललाम भाललग्नकः[05:49.373] शिवेति मंत्र मुच्चरन् कदा सुखी भवाम्यहम्[06:05.337] इमम ही नित्यमेव मुक्तमुत्तमोत्तमं स्तवं[06:08.543] पठन्स्मरन्ब्रुवन्नरो विशुद्धि मेति संततम्[06:11.760] हरे गुरौ सुभक्तिमा शुयातिना न्यथा गतिं[06:14.973] विमोहनं हि देहिनां सुशंकरस्य चिंतनम्[06:18.309] विमोहनं हि देहिनां सुशंकरस्य चिंतनम्[06:24.790] ॐ
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